यातायात पुलिस सोशल मीडिया पर

प्रदेश में पहली बार यातायात पुलिस सोशल मीडिया पर

यातायात पुलिस सोशल मीडिया पर

राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं सेवाओं को जनसामान्य को सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराने तथा जनता की समस्याओं व शिकायतों के निराकरण हेतु सूचना प्रौद्योगिकी, आधुनिक संचार संसाधनों तथा सोशल मीडिया के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। इसी कड़ी में राज्य की ट्रैफिक पुलिस ने भी सोशल मीडिया का प्रयोग करना शुरू कर दिया है ताकि प्रदेश के यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने एवं आम नागरिकों की सुविधा हेतु इसके माध्यम से जानकारी दी जा सके। प्रदेश के 16 महानगरों में इस वर्ष पहली जुलाई,2015 से इस योजना की शुरूआत की गई है।

प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात के दिशा-निर्देशन पर यातायात निदेशालय द्वारा प्रथम चरण में गाजियाबाद, आगरा, आजमगढ़, मुरादाबाद, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, मेरठ, इलाहाबाद, लखनऊ, मथुरा, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, गोरखपुर, बरेली व कानपुर महानगरों को सोशल मीडिया के फेसबुक, ट्विटर एवं व्हाट्स एप्प सेवा से जोड़ा गया है। प्रत्येक जिले के लिये अलग-अलग ग्रुप बनाये गये है।

इस नई सेवा के तहत फेसबुक, ट्विटर एवं व्हाट्स एप्प तीनों पर लोग अपनी समस्या, सुझाव व शिकायत भी भेज सकते है किन्तु फोटो एवं वीडियो केवल व्हाट्स एप्प पर ही भेजी जा सकेंगी। फेसबुक व ट्विटर के माध्यम से ट्रैफिक रेगुलेशन्स, ट्रैफिक एडवाइजरी व ट्रैफिक अलर्टस की जानकारी लोगों को दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। हर जिले के ट्रैफिक पुलिस का इंटरनल व्हाट्स एप्प ग्रुप भी बनाया गया है ताकि यातायात प्रबन्धन की कार्रवाई प्रभावी ढंग से की जा सके।

इसके माध्यम से यातायात प्रबंधन के अलावा भविष्य की यातायात योजनाओं संबंधी ट्रैफिक एडवाइजरी एवं एलर्ट भी लोगों को देने की व्यवस्था की गयी है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर शमन शुल्क तथा सड़क सुरक्षा संबंधी विवरण लोगों को उपलब्ध होगा। इसका उपयोग यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ व सुचारू संचालन हेतु जनजागरूकता को विकसित करने और अधिकाधिक जनसहयोग भी प्राप्त किया जा रहा है।

यातायात पुलिस द्वारा शीघ्र ही एक नया पोर्टल शुरू किया जा रहा है ताकि प्रदेश व्यापी ई-चालान तथा एकीकृत यातायात अपराध डाटावैस की व्यवस्था प्रभावी ढंग से शुरू की जा सके। इस वेबसाइट तथा डाटावेस का उपयोग जनपद स्तर पर किये जाने हेतु प्रथम चरण में प्रदेश के 18 परिक्षेत्रीय मुख्यालयों तथा गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर में यातायात प्रवर्तन केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। प्रत्येक केन्द्र में इण्टरनेट सुविधा के साथ कम्प्यूटर तथा अन्य सहवर्ती उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे ताकि यातायात कर्मी अपने जनपद से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान तथा प्रवर्तन संबंधी कार्य पोर्टल के माध्यम से प्रभावी रूप से कर सकें।

यातायात नियमों के प्रवर्तन के समय कई बार व्यक्तियों द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने एवं प्रवर्तन कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी घटनाओ पर प्रभावी कार्यवाही हेतु प्रमाण के लिए 100 बाडी वार्न कैमरा क्रय किये जायेंगे। यातायात पुलिसकर्मियों द्वारा शरीर पर पहने जाने वाले इन कैमरों का प्रयोग उत्तर प्रदेश में पहली बार किया जायेगा, जिसके माध्यम से पुलिसकर्मी तथा जनता के बीच होने वाली सभी वार्तालाप एवं गतिविधियों की पूरी वीडियो तथा आॅडियो रिकार्डिंग की जा सकेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इनका उपयोग लखनऊ तथा गाजियाबाद में किये जाने के निर्देश दिये है।

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