शिष्टाचार सम्‍बन्धी निर्देश

राज्य के भीतर उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मंत्रियों/राज्य-मंत्रियों /उप-मंत्रियों/सभा सचिवों/विधान परिषद के सभापति एवं उप-सभापति/विधान सभा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के जनपदों में आगमनों पर बरते जाने वाले शिष्टाचार सम्‍बन्धी निर्देशों का संकलन

(1) आरंभिक

शासनादेश 299/56-3-ख (1/24), 77, दिनांक 6 मार्च,

राज्य सरकार के सदस्यों के रूप में मंत्रियों के साथ उस समय जबकि उनका जिला हेडक्वार्टर और दूर के स्थानों में आगमन हो, अधिक से अधिक शिष्टाचार बरता जाना चाहिये। इनमें ये बातें शामिल होंगी :

  • सफर के आरम्भ/अंत स्वागत
  • मंत्री से भेंट करना
  • उन्हें विदा करना

1 - मंत्रियों के संबंध में आदेश राज्य मंत्रियों, विधान परिषद के सभापति/उपसभापति तथा विधान सभा के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के संबंध में भी लागू होंगे।

2 - शिष्टाचार संबंधी पहलू के अलावा इन मौकों पर मंत्रियों को सरकार के मुख्य कार्यकारी अफसरों से व्यक्तिगत रूप से जानकारी हासिल करने और उनके जरिये इस बात के संबंध में सीधे जानकारी प्राप्त करने का मौका मिलता है कि प्रशासन कैसा चल रहा है और सरकार की नीतियों का क्या प्रभाव पड़ रहा है। जहां तक अफसरों का सम्बन्ध है, वे अपना दृष्टिकोण और कभी-कभी अपनी कठिनाइयों को मंत्रियों के सामने रख सकते हैं और सामान्य नीति के मामले में कीमती सलाह हासिल कर सकते हैं जो किसी और तरह से सम्भव नहीं हो सकती । इस प्रकार ऐसे सम्पर्कों से प्रशासन की कार्य क्षमता बढ़ती है।

3 - इसके साथ ही, सरकार यह चाहती हे कि सभी प्रबंधें में आडम्बरों और तड़क-भड़क से बचा जाये और सादगी तथा किफायतशारी बरती जाय । सरकार के सदस्यों के स्वागत के लिए या उनके साथ-2 दौरे पर जाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को अपना सामान्य कार्य तब तक न छोड़ना चाहिए जब तक कि नियमों में यह बात निर्धारित की गयी हो कि वे सरकार के सदस्यों के साथ उपस्थित रहें या ऐसा करना इतना जरूरी हो कि सामान्य सरकारी कार्य को स्थगित करने का औचित्य सिद्ध हो सके । सरकार यह भी चाहती है कि इन नियमों का कड़ाई से पालन किया जाये जब तक ऐसी बहुत ही असामान्य परिस्थितियां मौजूद न हों जिनके कारण नियमों के खिलाफ काम करना जरूरी हो जाये।

(2) आगमन का वर्गीकरण

4 - मंत्रियों के आगमन नीचे दी हुई श्रेणियों में वर्गों में किये जायेंगें :

  • औपचारिक
  • अनौपचारिक
  • गैर सरकारी

कोई आगमन तब तक औपचारिक न समझा जायेगा जब तक मंत्री जी के दौरे के कार्यक्रम में इसका उल्लेख न किया गया हो। कोई अगमन गैर सरकारी नहीं समझा जायेगा जब तक कि दौरे के कार्यक्रम में इसका उल्लेख न किया गया हो। मंत्रियों के आगमन ज्यादातर सरकारी काम से होते हैं, और यदि किसी आगमन का औपचारिक गैर सरकारी आगमन के रूप में उल्लेख किया गया हो तो उसे "अनौपचारिक" आगमन समझा जायेगा ।

5 - अन्य औपचारिक और अनौपचारिक आगमन के संबंध में स्वागत आदि का प्रबन्ध करना जरूरी होगा किन्तु गैर सरकारी आगमन के सम्बन्ध में ऐसे प्रबन्ध की जरूरत नहीं होगी।

(3) आगमन की सूचना

6 - मुख्य मंत्री की दशा में मुख्य मंत्री के निजी सचिव और दूसरे मंत्रियों की दशा में उनके निजी सचिव दौरे के कार्यक्रम या आगमन संबंधी हिदायतों में यह उल्लेख करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि आगमन "औपचारिक" और "अनौपचारिक" या "गैर सरकारी" प्रकार की श्रेणियों में किस श्रेणी का है ताकि स्थानीय अफसरों को अपने कर्तव्य के संबंध में कोई शंका न रहे।

इस संबंध में कोई त्रुटि रह जाने पर जिला अधिकारी सरकार के मुख्य सचिव की जानकारी में ला सकते हैं।

7 - मंत्री जी का निजी सचिव सभी अगमनों के संबंध में सूचना जारी करने के लिये जिम्मेदार होगा। इस सूचना में नीचे दी गई बातों का उल्लेख होगा:

  • पहुंचने का समय और सफर करने का साधन अर्थात हवाई जहाज, रेलगाडी या मोटरकार आदि।
  • ठहरने का मुकाम
  • आगमन के दौरान उनके कार्यक्रमों का ब्योरा।
  • प्रस्थान करने का समय और सफर करने का साधन।
  • मंत्री के साथ कौन-कौन लोग रहेंगे।

8 - आगमन की सूचना आने के दिनांक से काफी पहले दी जायेगी आमतौर पर 5 दिन की सूचना उचित समझी जायेगी। केवल आकस्मिक आगमन के मौके पर इस अवधि को शिथिल किया जा सकता है।

9 - यदि ठीक समय पर सूचना नहीं दी जाती है तो स्थानीय अफसरों के लिये इन हिदायतों का पालन करना कठिन होगा और इस हालत में यदि औपचारिकतायें बरतने में कोई कमी रह जाय तो मंत्री उस पर यकीनन कोई ध्यान नहीं देंगे।

10 - औपचारिक आगमन की दशा में, आगमन की सूचना निजी सचिवों द्वारा निम्नलिखित अफसरों को भेजी जायेगी :

(1) डिवीजन कमिश्नर (प्रभाग का आयुक्त) ।
(2) जिला अधिकारी ।
(3) पुलिस अधीक्षक।
(4) मंत्री के विभाग (पोर्टफोलियों) के अंतर्गत आने वाले स्थानीय कार्यलय के अध्यक्ष ।
(5) मुख्य मंत्री की दशा में समस्त विभागों के और अन्य मंत्रियों की दशा में संबंधित मंत्री के पोर्टफोलियो के अंतर्गत आने वाले विभागों के रेंज या सर्किल आफिसर (जिनके क्षेत्राधिकार के भीतर स्थान पडता है जहां कि आगमन होना है।)
(6) मुख्य मंत्री की दशा में स्थानीय कार्यालयों के समस्त अध्यक्ष ।
(7) केन्द्रीय सरकार के विभागों के सबसे सीनियर अधिकरी जो उस स्थान में तैनात हों जहां कि आगमन होना है।

निजी सचिव (1), (2), (3) तथा (5) को कार्यक्रम की प्रतिलिपियां सीधे भेज देगा और साथ ही उसके पास आवश्यक अतिरिक्त प्रतियां भी वितरण के लिये मार्क करके भेज देगा ।

(2) किसी स्थान पर अनौपचारिक तथा गैर-सरकारी आगमन की दशा में केवल (2) तथा (3) में उल्लिखित अधिकारियों को उसी तरह सूचना भेजी जाती है।

(3) राज्य सरकार के वे अफसर जिनका ऊपर जिक्र किया गया है आगमन की सूचना आने से ठीक नीचे के मातहत गजटेड अफसरों को देंगे ।

शासनादेश संख्या 3408/56-3-ख(1/24) -77 दिनांक 4 जुलाई, 1984 द्वारा प्रतिस्थापित

* (4) मुख्य मंत्री/मंत्रीगण के औपचारिक भ्रमण कार्यक्रम की सूचना निजी सचिव द्वारा सम्बन्धित जिले को अपरिहार्य रूप से भेजी जायेगी और जिलाधिकारियों के माध्यम से वे आवश्यकतानुसार उक्त भ्रमण कार्यक्रम की सूचना स्थानीय समाचार पत्रों में प्रेस विज्ञप्ति कर स्थानीय समाचार के रूप में प्रकाशित कराने का अनुरोध करेंगे ।

(4) स्वागत

(क)औपचारिक आगमन

11 - (1) रेल या हवाई जहाज से यात्रा की स्थिति में मुख्यमंत्री जी का रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे पर, जैसी भी स्थिति हो, जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जहां जो भी तैनात हो तथा मुख्यमंत्री जी से संबंधित अन्य विभागों के वरिष्ठतम अधिकरी स्वागत के लिये उपस्थित रहेंगे। यदि आगमन मण्डल मुख्यालय पर हो तो मण्डलायुक्त तथा रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक भी सूचनार्थ उपस्थित रहेंगे।

(1) (क) अन्य मंत्रियों के आगमन के अवसर पर वरिष्ठ सिविल तथा पुलिस अधिकारी एवं मंत्री जी संबंधित विभागों के वरिष्ठतम अधिकारी स्वागतार्थ उपास्थित रहेंगे।

(2) (क) तहसील हेडक्वार्टर या (ख) तहसील के किसी दूर के स्थान में आगमन की दशा में मंत्री का स्वागत करने के लिए जिला अधिकारी किसी गजेटेड आफिसर को भेजेंगे। पुलिस अघीक्षक भी मुनासिब दर्जे के किसी अफसर को मंत्री का स्वागत करने के लिये भेजेंगे।

टिप्पणियां :
(1) स्वागत के बाद जिला अधिकारी/पुलिस अधीक्षक अन्य सीनियर सिविल/पुलिस अफसर, जैसी भी सूरत हो, के लिये आगन्तुक (विजिटर) के साथ उनके सफर में जिले के विभिन्न स्थानों में जाना जरूरी न होगा। लेकिन इसमें अफसरों को अपने विवेक से काम लेना चाहिये और यदि किसी विशेष आगमन के मौके पर ऐसा करना आवश्यक हो तो वे आगन्तुक के साथ ऐसे सफर में पूरी दूरी तक या कुछ दूरी तक जा सकते हैं।

(2) जिलाधिकारी के लिये यह भी आवश्यक नहीं है कि वह सड़क से होकर आने वाले विशिष्ट आगन्तुकों का स्वागत करने के लिये हेड क्वार्टर से बाहर जायें और फिर उनके साथ हेड-क्वार्टर में वापस आये और इसी तरह उन्हें बिदा करने के लिये उनके साथ जिले की सीमा तक जायें। ये रिवाज बन्द किये जाने चाहिये।

(3) यदि दूर के स्थान में आगमन का संबंध किसी विभाग से हो तो संबंधित विभाग के किसी राजपत्रित अधिकारी को या जिलाधिकारी द्वारा नामांकित अधिकरी को उपस्थित रहना चाहिये।

* शासनादेश संख्या 976 प्रो/56(1/24) - 77, दिनांक 12 मार्च, 1985 द्वारा प्रतिस्थापित

* (4) शीतकालीन दौरे जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में व्यस्त अधिकारियों को दौरे से वापस न बुलाया जाये जब तक कि किसी अधिकारी विशेष की उपस्थिति मंत्री महोदय द्वारा विशेष रूप से न चाही गई हो और मंत्रियों के जिलों में दौरों के अवसर पर वहां उपलब्ध उपयुक्त स्तर के अधिकारी से आवश्यक शिष्टाचार एवं सौजन्य प्रदर्शन संबंधी कार्य संपन्न कराया जाना चाहिये।

12 - (क) ऐसी दशाओं में जब कि मंत्री ने कार में सफर किया हो और वे किसी सर्किट हाउस, इंस्पेक्शन बंगले या किसी अन्य स्थान में ठहरे हों, संबंधित पदाधिकारियों के लिये मंत्री के आगमन के समय इन स्थानों पर उपस्थित रहना आवश्यक नहीं है, सिवाय उस दशा में जब कि निजी सचिव से प्राप्त आगमन की सूचना में ऐसे मामलों में उनका उपस्थित रहाना जरूरी नहीं समझा गया है।

(ख) अनौपचारिक आगमन

अनौपचारिक आगमन की दशा में जिला मैजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधीक्षक, जिला मैजिस्ट्रेट के कर्मचारियें में से किसी गजेटेड आफिसर को और पुलिस अधीक्षक के कर्मचारियों में एक गजेटेड पुलिस आफिसर को मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिये भेजेंगे और किसी अन्य मंत्री के स्वागत के लिये जिला मैजिस्ट्रेट के कर्मचारियाकें में से किसी जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी को और पुलिस अधीक्षक के कर्मचारी वर्ग में से किसी पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को भेजेंगे।

(ग) गैर सरकारी आगमन

गैर सरकारी आगमन की दशा में औपचारिक रूप से स्वागत की व्यवस्था करने की कोई जरूरत नहीं है ।

13 - मुख्य मंत्री जी के आगमन/प्रस्थान के अवसर को छोड़कर रात्रि के समय हवाई जहाज आवश्यक नहीं है परन्तु उनके स्वागत/प्रस्थान के समय एक राजपत्रित पुलिस अधिकारी अवश्य ही उपस्थित रहेगा । यदि कोई मंत्री दिन में या रात में सफर करते हुए रास्ते में हो तो किसी अधिकारी का उनसे मिलना जरूरी नहीं है । लेकिन अगर कोई मंत्री यह चाहते हों कि राज्य सरकार का कोई अधिकारी उनसे उस समय मिले जब कि वे रात में रेल या हवाई जहाज से पहुंच रहे हों या वे यह चाहते हों कि उनके लिये परिवहन जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जाये तो तद्नुसार प्रबन्ध किया जयेगा, बशर्ते कार्यक्रम में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया हो।

(5) भेंट करना

(क) औपचारिक आगमन

14 - मुख्य मंत्री जी के आगमन पर :

(1) जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा विभागों के सबसे सीनियर अधिकरी मुख्यमंत्री जी से भेंट करेंगे, किन्तु प्रतिबन्ध यह है कि यदि मुख्यमंत्री जी सरकिट हाउस/इंस्पेक्शन हाउस में न ठहरें बल्कि किसी गैर-सरकारी व्यक्ति के यहां ठहरे तो अफसरों के लिये उनसे भेंट करना अनिवार्य नहीं होगा।

(2) भारत सरकार के वर्तमान आदेशों के अनुसार आगमन के स्थान पर तैनात केन्द्रीय सरकार के प्रत्येक विभाग के सबसे सीनियर अधिकरी के लिये यह जरूरी है कि वह मुख्य मंत्री से भेंट करे । प्रस्‍तावित आगमन की सूचना मुख्यमंत्री के निजी सचिव के द्वारा जिला अधिकारी को भेजी जायेगी और जिला अधिकरी केन्द्रीय सरकार के संबंधित अफसरों को सूचित करने का प्रबंध करेगा ।

(अ) अन्य मंत्रियों/राज्य मंत्रियों के आगमन पर - (1) जिला अधिकरी, पुलिस अधीक्षक और मंत्री के अधीनस्थ विभाग या विभागों के सबसे सीनियर अफसर मंत्री से भेंट करेंगें । किसी अन्य अफसर के लिये मंत्री से भेट करना जरूरी नहीं होगा|
किन्तु यदि मंत्री किन्हीं अन्य अफसरों से मिलना चाहें तो मंत्री के वैयक्तिक कर्मचारियों द्वारा कार्यक्रम में या अलग से इस बात का उल्लेख किया जयेगा । यदि इसकी पहले से सूचना देना संभव न हो तो जिले में पहुंचते ही जितनी जल्दी संभव हो इसकी सूचना वैयक्तिक कर्मचारिवर्ग द्वारा जिला अधिकारी या संबंधित अधिकरियों को दे दी जयेगी|

किन्तु प्रतिबंध यह है कि यदि मंत्री सर्किट हाउस/इंस्पेक्शन हाउस में न ठहरे तो अफसरों के लिये उनसे भेंट करना अनिवार्य नहीं होगा।

(ब) केन्द्रीय सरकार के प्रत्येक विभाग के अधिकारी के लिये मंत्री से भेंट करना आवश्यक नहीं है, परन्तु यदि मंत्री किन्ही अधिकारियों से मिलना चाहंगे तो उसकी सूचना मंत्री जी के निजी सचिव/वैयक्तिक सहायक द्वारा जिला अधिकारी को भेजी जायेगी और जिला अधिकारी केन्द्रीय सरकार के संबंधित अफसरों को सूचित करने का प्रबंध करेगा।

15 - इसी प्रकार भारत सरकार की हिदायतों के अधीन राज्य के हेडक्वार्टर पर तैनात केन्द्रीय सरकार प्रत्येक विभाग के सबसे सीनियर अफसरों के लिये यह जरूरी है कि वे मंत्री से भेट करें। जब कोई नया अफसर कार्यभार ग्रहण करेगा या कोई नया मंत्री नियुक्त हो तो मंत्री से दोबारा भेंट करना जरूरी होगा।

16 - अगर कोई मंत्री किसी स्थान पर कुछ ही घंटे रहें तो किसी अफसर के लिये उनसे मिलना जरूरी न होगा सिवाय उस हालत के जबकि भेंट करने के लिये उनसे अनुरोध किया गया हो।

17 - (1) मंत्री के वैयक्तिक कर्मचारिवर्ग द्वारा एक अभ्यागत पंजी (विजिटर्स बुक) रखी जायेगी जिसमें मंत्री से भेट करने के लिये आये हुए सभी व्यक्ति अपना नाम दर्ज करेंगे । यदि उस समय जब कि कोई व्यक्ति मंत्री से भेट करने के लिये आया हो, मंत्री मौजूद न हों या भेंट करने के लिए आये हुए व्यक्ति से मिलने में असमर्थ हों तो भेंट करने के लिये आया हुआ व्यक्ति वहां अपना कार्ड भी छोड़ जायेगा। वैयक्तिक कर्मचारिवर्ग इस बात का प्रबन्ध करने के लिये जिम्मेदार होगा कि मंत्री के आगमन के दौरान अभ्यागत पंजी उस स्थान पर आसानी के साथ उपलब्ध रहे जहां मंत्री ठहरे हों । साथ ही वैयक्तिक कर्मचारिवर्ग उसे यह सूचना देगा कि वास्तविक भेंट के लिये उसे दूसरी बार आने की जरूरत है या नहीं और यदि आने की जरूरत है तो उसे किस दिन और कितने बजे आना होगा।

17 - (2) भेट करने के लिए जहां तक सभव है घंटे नियत कर दिये जायेंगे। वैयक्तिक कर्मचारिवर्ग सभी सम्बन्धित व्यक्तियों को उनकी सूचना दे देगा। भेंट के वक्त की सूचना वैयक्तिक कर्मचारिवर्ग द्वारा जिला अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक तथा मंत्री के मातहत विभाग या विभागें के सबसे ऊचें अधिकारी या पदाधिकारी को हमेशा ही पहले दी जानी चाहिये जबकि व्यक्तिगत भेंट का वक्त नियत न होने के कारण कोई सुविधा न हो।

(ख) अनौपचारिक और गैर सरकारी आगमन

18 - मंत्री के अनौपचारिक और गैर सरकारी आगमन की दशा में उनसे किसी अफसर को भेंट करने की जरूरत नही है सिवाय उस हालत के जब कि मंत्री जी विशेष अफसर से मिलने की खास तौर पर इच्छा प्रकट करें।

(6) बिदाई

19 - जब मंत्री रेलगाड़ी या हवाई जहाज से प्रस्थान करें तो रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे पर मंत्री को विदा करने के लिये वही अफसर जायेंगे जो उनके आगमन के समय मौजूद रहे हो।

(7) सामान्य

20 - केवल जिला अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जब सरकारी कार्य से लखनऊ में हो तो उन्हे मुख्य मंत्री जी से भेंट करना अनिवार्य हैं अन्य विभागों के जिला स्तर के अफसर जिला स्तर के अफसरों के दर्जे के संभागीय (रीजनल) अफसर या उनसे बाद के पद के अफसर जब सरकारी कार्य से लखनउ आयें तो उन्हे अपने विभाग के इंचार्ज मंत्री से भेंट करने के लिये जाना चाहिये। इस प्रकार भेंट करने के लिये आये अफसरों के वास्ते निजी सचिव, मुख्यमंत्री, मंत्री के निवास-स्थान और कार्यालय दोनों ही जगह एक अभ्यागत पंजी रखेगा किन्तु यदि भेंट करने के लिये आये हुए व्यक्ति से मिलने के लिये मुख्यमंत्री /मंत्री के पास समय न हो, तो वह वह व्यक्ति अभ्यागत पंजी में अपना नाम दर्ज कर देगा।

21 - मंत्री का वैयक्तिक कर्मचारिवर्ग यह सुनिश्चित करने के लिये विशेष सावधानी बरतेगा कि मंत्री से भेंट करने के लिये आने वाले अफसरों को बैठने, आदि की आवश्यक सुविधा दी जाए और उन्हें उससे अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े जितना कि बिल्कुल ही जरूरी हो।

22 - (1) आकस्मिक आगमन की दशा में यह सम्भव है कि कुछ अफसर जिनकी उपस्थिति हिदायतों के अधीन आगमन के स्थानों पर होनी जरूरी है दौंरे पर हों। ऐसी हालत में उन्हे अपना दौरा रद्द नही करना चाहिये।

(2) जब अगमन अचानक रूप से हो, तो यदि मंत्री जिला तथा/या अन्य अधिकारियों से मिलना चाहें तो वैयक्तिक कर्मचारिवर्ग तार द्वारा उन्हें सूचना देगा।

23 - स्वागत संबधी हिदायत राज्य हेडक्वार्टर को दिये जाने वाले वापसी सफर, या "रिसेस" के लिये नैनीताल अथवा अन्य पर्वतीय स्थानों में दिये जाने वाले सफर पर लागू नही होगी।

24 - इन हिदायतों में दी गयी किसी बात का यह अर्थ न लगाया जाना चाहिये कि उससे मंत्री के स्वागत के अवसर पर उपस्थित होने या उनसे भेट करने के गैर सरकारी व्यक्तियों के विशेषाधिकार पर कोई हस्तक्षेप होता है, सिवाय किसी ऐसे हस्तक्षेप के जो सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक समझाा जाए।

25 - (1) मंत्रियों के आगमन के मौकों पर सुरक्षा विषयक जरूरी इंतजामों के सम्बन्ध में अलग नियम लागू होते है।
(2) इसी प्रकार मंत्री के आगमन के सम्बन्ध में किये जाने वाले अन्य स्थानीय इंतजाम, इन हिदायतों के अन्तर्गत नही आते है।

26 - इन हिदायतों में ऐसे संशोधन किये जा सकते है जिनकी मंत्री किसी विशेष आगमन के अवसर पर हिदायत करें। ऐसे संशोधनों की सूचना निजी सचिव द्वारा सम्बन्धित अफसरों को ठीक समय पर दी जाएगी।

राज्य सरकार के उप मंत्रियों तथा सभा सचिवों का आगमन
  • ये हिदायतें उप मंत्रियों तथा सभा सचिवों दोनों ही के आगमन पर लागू होती है, लेकिन खास तौर पर उप मंत्री ही इस्तेमाल किया गया है।
  • स्वागत :

    (1) औपचारिक आगमन की दशा में, रेल या हवाई जहाज से सफर करने वाले उप मंत्री का रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे पर, जैसी भी सूरत हो, कोई गजटेड या सिविल या पुलिस अफसर जो मंत्री का स्वागत करने के लिये जिला अधिकारी या पुलिस अधीक्षक द्वारा तैनात किया गया हो, स्वागत करेगा। जिस स्थान पर आगमन हो, यदि हेडक्वार्टर हो, तो विभवागाध्यक्षों या उसके द्वारा भेजे गये अफसर का उपस्थित रहना भी लाजमी होगा बशर्ते कि उक्त मंत्री, उस विभाग से सम्बन्ध रखता हो। उप मंत्री इस बात का प्रबन्ध करेंगें कि उनके आगमन की सूचना सम्बन्धित अफसर के पास ठीक समय पर भेज दी जाए।

    (2) दूर के नगरों में माल या पुलिस विभाग के सबसे ऊंचे अफसर जो उपलब्ध हों , उपस्थित रहेंगें।

    (3) यदि उपमंत्री ने मोटर कार से सफर किया हो, तो जिस स्थान पर मंत्री ठहरने वाले हों वहां उनके पहुंचने के समय किसी अफसर के उपस्थित रहने की जरूरत नही है।

  • भेंट करना :

    (1) उप मंत्री से सम्बन्धित विभाग या विभागें का सबसे सीनियर अफसर उनसे भेंट करेगें। जिलाधिकरी, पुलिस अधीक्षक तथा राज्य सरकार के अन्य अफसर भी, यदि उनकी ऐसी इच्छा हो, उप मंत्री से मिल सकते है: किन्तु प्रतिबन्ध यह है कि यदि उप मंत्री कुछ ही घंटों के लिय ठहरने वाले हो, तो किसी अफसर को उनसे मिलना जरूरी न होगा सिवाय उस दशा के जबकि ऐसा करने के लिये उनसे कहा गया हो|

    (2) यदि उस समय जब कि कोई व्यक्ति भेंट करने के लिये आया हो, उप मंत्री मौजूद न हो, या भंट करने के लिये आये हुए व्यक्ति से मिलने से असमर्थ हों, तो भंट करने के लिये आया हुआ व्यक्ति अपना कार्ड छोड़ जायेगा यदि उप मंत्री चाहते हों कि यह दुबारा आये तो वे उसे यह सूचित करने का प्रबन्ध करेगें कि उसे किस दिन और कितने बजे दोबारा भंट करने के लिये आना चाहिये।

    (3) भेंट करने के जहां तक सम्भव हो, घंटे नियत कर दिये जायेंगें और उप मंत्री के साथ जाने वाला वैयक्तिक सहायक कर्मचारिवर्ग सभी समबन्धित व्यक्तियों को उनकी सूचना दे देगा ताकि सम्बन्धित अफसरों को व्यक्तिगत भेंट का वक्त नियत न होने के कारण कोई असुविधा न हो।

    (4) किसी पदाधिकारी के लिये उप मंत्री के प्रस्थान के समय बिदा करने के लिये जाना जरूरी न होगा।

    (5) अनौपचारिक अथवा गैर सरकारी आगमनों के समबन्ध में किसी प्रकार की औपचारिकता बरतने की जरूरत नही है।

अधिकार प्रदान करना।

4 - लोक सभा/राज्य सभा/परिषद प्रश्नव आश्वासन (केवल उपरोक्त मण्डलों के विशिष्ट मामले)

(8) गोपन अनुभाग - 8

  • एम0जी0ओ0 के प्रस्तर-690 के अन्तर्गत समस्त मण्डलायुक्त उत्तर प्रदेश से प्राप्त पाक्षिक आख्याओं की समीक्षा।
  • राजस्व व विशिष्ट अभिसूचना निदेशालय का अधिष्ठान कार्य।
  • गैर बैंकिग वित्तीय कम्पनियों के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच ई0ओ0डब्‍लू0 से कराया जाना।
  • विभिन्न विभागों से प्राप्त आर्थिक अपराध संबंधी शिकायतों की जांच मुख्य सचिव टास्क फोस्र से कराया जाना।
  • जाली नोट/सिक्कों तथा कापीराइट के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच।
  • आर्थिक अपराध संबंधी शिकायतों की जांच ई0ओ0डब्लू0 से कराया जाना।
  • ई0ओ0डब्लू0 द्वारा सम्पादित की गई जांच आख्याओं की समीक्षा।
Back to Top