एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली

एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली

प्रदेश की यातायात व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाये जाने के उद्देश्य से ‘‘एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली’’(Integrated Traffic Management System) नामक योजना को चरणबद्धरुप से प्रदेश में लागू किया जाना है। प्रथम चरण में प्रदेश के चिन्हित 12 जिलों लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, नोएडा, गाजियाबाद, गोरखपुर, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ के नगरीय क्षेत्र में यह योजना लागू की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा इसके लिये 50 करोड़ की व्यवस्था बजट में की गयी है।

इस योजना के तहत इंटेलीजेन्ट ट्रांस्पोर्ट सिस्टम (Intelligent Transport System) की स्थापना की जायेगी, जिसके तहत स्वचलित सिगनल नियंत्रण प्रणाली, पैदल यात्रियों के लिये पृथक सिग्नल प्रणाली, राज्य स्तर पर ट्रैफिक मैनेजमेन्ट सेन्टर, एरिया ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, काॅरीडोर मैनेजमेंट, परिवर्तनशील यातायात संकेतक आदि की स्थापना होगी। योजना में ट्रैफिक सिगनल्स, सर्विलांस कैमरा, इन्र्फोसमेंट कैमरा आदि की भी व्यवस्था होगी।

इस योजना के तहत यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन के साथ-साथ उसकी निगरानी भी की जायेगी, तथा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को चिन्हित कर ई-चालान भेजने की व्यवस्था होगी। योजना में आपातकालीन वाहनों के बिना रुकावट गुजरने हेतु भी विशेष इंतजाम किये गये है। साथ ही सड़क सुरक्षा उपायों पर भी विशेष बल दिया गया है।

शासन द्वारा उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट के अंर्तगत उत्तर प्रदेश हाईवे पेट्रोल परियोजना के क्रियान्वयन हेतु 13 करोड़ 28 लाख रूपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है। आम जन को सड़क पर सुरक्षित यात्रा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से गृह विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश हाईवे पेट्रोल परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंर्तगत यातायात निदेशालय के स्तर पर अपर पुलिस महानिदेशक यातायात के अधीन परियोजना क्रियान्वयन इकाई स्थापित की जायेगी।

सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम, यातायात के समुचित प्रबंधन एवं प्रदेश व्यापी दुर्घटना की संपूर्ण सूचना तथा विश्लेषण/शोध के लिये सड़क सुरक्षा हेतु ‘‘उत्तर प्रदेश हाईवे पेट्रोल’’ परियोजना के क्रियान्वित किये जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया था।

Back to Top