उत्तर प्रदेश जीआरपी द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 1512 की शुरुआत

जीआरपी द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 1512 की शुरुआत

उत्तर प्रदेश में राजकीय रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में ट्रेनों में होने वाली आपराधिक घटनाओं की रोकथाम एवं रेल यात्रियों को आपराधिक घटनाओं में त्वरित सहायता प्रदान किये जाने हेतु चार अंकों की हेल्पलाइन 1512 की शुरुआत की गयी है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा के अन्दर कोई भी यात्री अपने मोबाइल फोन अथवा लैण्डलाइन के द्वारा मात्र चार अंक 1512 नम्बर डायल करके रेलवे पुलिस की सहायता ले सकेगा।

इस योजना के माध्यम से जहां एक ओर अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सम्पन्न होगी वही यात्रियों को न्यूनतम समय में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध होगी। प्लेटफार्म, रेलवे स्टेशन परिसर, ट्रेनों में यात्रा के दौरान कोई भी प्रभावित व्यक्ति चोरी, लूट, डकैती, मारपीट, छेड़खानी, हत्या, जहरखुरानी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं आदि के संबंध में चार अंक 1512 डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। यह सुविधा किसी भी कंपनी के मोबाइल फोन पर उपभोक्ता को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है।

चार अंको अर्थात 1512 नम्बर जैसे ही कोई व्यक्ति काॅल करेगा, उसका संपर्क राजकीय रेलवे पुलिस नियंत्रण कक्ष मुख्यालय, लखनऊ से हो जायेगा जिस पर उसकी शिकायत या घटना की सूचना दर्ज किये जाने की व्यवस्था की गयी है। जीआरपी मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष द्वारा मिली जानकारी के आधार पर निकटतम थाने पर तत्काल कार्यवाही हेतु सूचना देने एवं इस शिकायत के संबंध में होनेे वाली कार्यवाही पर भी निगरानी रखने की व्यवस्था की गयी है ।

इसके अलावा चलती ट्रेन में एफ0आई0आर0 दर्ज करने की भी व्यवस्था उत्तर प्रदेश जीआरपी द्वारा की गई है। इसके तहत ‘‘स्कोर्ट कर्मियों के द्वारा वादी से प्रार्थना पत्र प्राप्त कर एफ0आई0आर0 दर्ज कराने की प्रक्रिया’’ प्रारम्भ की गयी है। वादी से प्रार्थना पत्र प्राप्त होने पर स्कोर्ट कर्मियों द्वारा जीआरपी मुख्यालय द्वारा प्रदान की गयी रसीद बुक की तीन प्रतियों में सूचना अंकित की जाती है जिसकी एक प्रति वादी को दूसरी प्रति शिकायत दर्ज करने वाले थाने को (घटनास्थल के बाद ट्रेन के ठहराव वाले अगले स्टेशन को) तथा तीसरी प्रति स्कोर्ट कर्मियों द्वारा अपने थाने पर वापस जमा करायी जाती है। शिकायत दर्ज करने वाले थाने द्वारा तत्काल अभियेाग पंजीकृत कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जाती है।

राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा ‘‘कम्प्यूटरीकृत संदेश सुरक्षा‘’ नामक एक योजना तैयार की गई है, इसके अन्तर्गत रेल यात्री ट्रेन/प्लेटफार्म पर पुलिस सहायता हेतु फोन अथवा एस0एम0एस0 करके जीआरपी मुख्यालय कन्ट्रोल रूम, लखनऊ को नोट करा सकता है। सूचना प्राप्त होते ही कम्प्यूटर पर फीड किए जाने के साथ स्वतः ही यात्री को उसकी शिकायत से सम्बन्धित आई0डी0 संख्या-(ID. No.)आवंटित हो जाती है, जिसका मैसेज उसके फोन पर अपने आप पहुॅच जाता है एवं तद्नुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जाती हैं।

इसके अतिरिक्त ‘‘संदेश सुरक्षा योजना’’ की भी शुरूआत राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा की गई है। इसके तहत जीआरपी मुख्यालय लखनऊ के नियंत्रण कक्ष में स्थापित हेल्प लाइन नम्बर एवं मुख्यालय स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष में किसी भी प्रकार की घटना की सूचना प्राप्त होने पर सम्बधिंत अनुभागीय नियंत्रण कक्ष, थाना/चौकी प्रभारी, स्कोर्ट कर्मियों को तत्काल अपेक्षित कार्यवाही हेतु अवगत कराया जाता है। मुख्यालय के नियत्रंण कक्ष में चलने वाले टेलीफोन नम्बरों, उत्तर प्रदेश में टेलीफोन नम्बर 1512 के अलावा जीआरपी मुख्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष में पूर्व से चल रहे नम्बरों पर 9454402544, 9794833811, 9794866946, 9919099190, एवं 0522-2288103, 2288104, 2288105 पर भी यात्री अपनी सूचना/शिकायत दर्ज करा सकते है।

जीआरपी सिटीजन आई (GRP Citizen Eye) नामक एक हेल्प लाइन की व्यवस्था राजकीय रेलवे पुलिस में शुरूआत की गयी थी। इसके अन्तर्गत सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में चलने वाली ट्रेनों में अवैध वसूली, दुर्व्यवहार, पुलिस कर्मियों द्वारा किये गये अन्य अनाधिकृत कृत्य एवं अन्य अनियमितताओं के सम्बंध में CUG नम्बर 9454458064 पर WhatsApp के माध्यम से फोटो, आॅडियों, विडियों बनाकर यात्री अपनी शिकायत भेज सकते है। ऐसी सूचनाओं को भेजने वाले व्यक्ति का नाम व नम्बर गोपनीय रखते हुए कार्यवाही की जाती है।

राजकीय रेलवे पुलिस के क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न ट्रेनों अथवा रेलवे स्टेशनों पर महिलाओं के साथ हो रही छेड़खानी की घटनाओं के सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही किये जाने तथा अन्य अपराधिक कृत्य के सम्बन्ध में राजकीय रेलवे पुलिस उ0प्र0 के समस्त अनुभागों में Anti Eveteasing Squad टीम का गठन कर कार्यवाही की जा रही है।

सी0सी0टी0वी0 रियल टाइम मानीटरिंग (CCTV Real Time Monitoring) नामक एक योजना राजकीय रेलवे पुलिस के क्षेत्रान्तर्गत महत्वपूर्ण एवं भीड़-भाड़ वाले स्टेशनों जैसे-चारबाग लखनऊ, इलाहाबाद, बनारस, कानपुर, गोरखपुर, आगरा, आदि अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर ‘‘सीसीटीवी’’ कैमरे द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जाती हैं। वर्तमान में जीआरपी के 19 थानों पर CCTV कैमरे कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त छः थानों पर (कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा) में Real Time Monitoring कैमरे लगाये जा रहे है।

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